बंगाल की खाड़ी में उष्णकटिबंधीय तूफान विकसित, चक्रवात बनकर भारत में दस्तक देने का अनुमान
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बंगाल की खाड़ी में उष्णकटिबंधीय तूफान समुद्र की सतह के ऊंचे तापमान, अनुकूल पवन परिस्थितियों और जलवाष्प की आपूर्ति के कारण धीरे-धीरे ताकतवर हो रहा है।

दुनिया भर के उष्णकटिबंधीय तूफानों पर नजर रखने वाले वेदरन्यूज़ के ग्लोबल स्टॉर्म सेंटर के विश्लेषण के अनुसार, विश्व मानक समय के मुताबिक सोमवार 26 तारीख को 00 बजे तक इसका केंद्रीय वायुदाब 998 hPa और केंद्र के पास अधिकतम हवा की गति 18 m/s तक पहुंच गई थी। यह उष्णकटिबंधीय चक्रवात बन गया।

उपग्रह तस्वीरों में भी बादलों का भंवर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। केंद्र के पास सक्रिय क्यूम्यलोनिम्बस बादल एक साथ इकट्ठा होते दिख रहे हैं।

वर्षा: 10/27 18 UTC

भारत के पूर्वी हिस्से में 200–300 मिमी की भारी बारिश

इसके आगे और मजबूत होने का अनुमान है। 36 घंटे बाद केंद्र के पास अधिकतम हवा की गति 35 m/s तक पहुंच सकती है।

इसके अपनी तीव्रता के चरम के करीब भारत के पूर्वी हिस्से में तट पर पहुंचने की आशंका है। आसपास के इलाकों में बारिश और हवाएं तेज हो सकती हैं। कंप्यूटर सिमुलेशन के अनुसार, कुछ स्थानों पर कुल बारिश 200–300 मिमी तक पहुंच सकती है। तटीय इलाकों में तेज हवाओं और ऊंची लहरों का भी खतरा है।

भारत के मौसम अधिकारियों ने चक्रवात के करीब आने वाले इलाकों में सबसे अधिक खतरे का संकेत देने वाला रेड अलर्ट जारी किया है और लोगों से समय रहते सतर्क रहने की अपील की है।